जगदलपुर, 27 सितंबर 2026। बस्तर में लगातार बारिश और इंद्रावती नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। जगदलपुर शहर के विभिन्न राहत शिविरों में 24×7 चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डुबान क्षेत्रों के राहत शिविरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। घाट पदमुर, डुरकीगुड़ा पारा, कूड़कानार सहित प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं। वहीं जगदलपुर के हाई स्कूल भैरमगंज, भगतसिंह हाईस्कूल, हाईस्कूल हाट कचोरा, टाउन हॉल, लालबाग मैदान, कृष्ण मंदिर, शुभ लगन वाटिका, वीर सावरकर चौक, डोंगाघाट हाईवे क्षेत्र और अब्दुल कलाम वार्ड सहित कई राहत शिविरों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर तत्काल बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है। बाढ़ के बाद डायरिया, बुखार, उल्टी और अन्य जलजनित व मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने विभिन्न राहत शिविरों का दौरा कर चिकित्सा व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य अमले को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने लोगों से तेज बहाव और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, राहत शिविरों के निर्देशों का पालन करने और केवल स्वच्छ या उबला हुआ पानी पीने की अपील की है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या तैनात स्वास्थ्य दल से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है।