मेन स्विच चालू करने की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी, जांच के बाद ही करें बिजली का इस्तेमाल
जगदलपुर, 27 सितम्बर 2026। बस्तर संभाग में बाढ़ का पानी कई रिहायशी इलाकों से धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन बिजली से जुड़े खतरे अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। विद्युत वितरण कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित घरों में अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से वायरिंग और विद्युत उपकरणों की जांच कराए बिना मेन स्विच चालू न करें। दीवारों और कंक्रीट के भीतर मौजूद नमी पानी उतरने के बाद भी करंट लीकेज और शॉर्ट-सर्किट का कारण बन सकती है।
यदि घर, आंगन या बेसमेंट में पानी जमा है तो वहां प्रवेश न करें। मेन बोर्ड, ब्रेकर पैनल या आसपास का फर्श गीला होने पर उसे खुद छूने या बिजली चालू करने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में विद्युत विभाग से संपर्क कर सुरक्षित तरीके से बिजली आपूर्ति बंद कराने की सलाह दी गई है।
बाढ़ के पानी में डूब चुके फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, कूलर समेत किसी भी विद्युत उपकरण को बिना पूरी तरह सुखाए और तकनीकी जांच के चालू न करें। पानी में डूबे स्विच, प्लग और सॉकेट को दोबारा इस्तेमाल करने के बजाय बदलने की सलाह दी गई है।
विभाग ने घरों के बाहर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है। टूटे या लटके बिजली के तारों से कम से कम 10 मीटर की दूरी बनाए रखें। बच्चों और मवेशियों को बिजली के खंभों, स्टे-वायर और गिरे तारों से दूर रखें। कहीं स्पार्किंग या बिजली का तार गिरा दिखाई दे तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 या स्थानीय लाइनमैन को सूचना दें।
भविष्य में सुरक्षा के लिए विभाग ने वायरिंग का इंसुलेशन रेसिस्टेंस टेस्ट कराने, ईएलसीबी/आरसीसीबी जैसे सुरक्षा उपकरण लगवाने और मीटर व स्विचबोर्ड को संभावित बाढ़ के जलस्तर से ऊंचाई पर स्थापित कराने की सलाह दी है।