CGPSC भर्ती घोटाले में फिर बड़ी कार्रवाई: परीक्षा नियंत्रक समेत कई प्रभावशाली लोगों के ठिकानों पर छापे, दस्तावेज खंगाल रही जांच एजेंसियां

3जून2026

रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। बुधवार सुबह जांच एजेंसियों ने प्रदेश के कई अहम ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। रायपुर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के निवास सहित भिलाई में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जे.के. ध्रुव और राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के घरों पर जांच टीमों ने दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की।

सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। अधिकारियों की टीम कई घंटों तक संबंधित परिसरों में मौजूद रही और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच करती रही। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संबंधित ठिकानों के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया।

क्या है पूरा मामला?

CGPSC भर्ती घोटाला राज्य सेवा परीक्षा 2020 से 2022 के दौरान हुई नियुक्तियों से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी करते हुए प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और करीबी उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया। डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत कई प्रतिष्ठित पदों पर चयन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

जांच में यह भी आरोप सामने आया कि परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रभावित कर कुछ विशेष अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसी वजह से मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई थी, जिसके बाद कई अधिकारियों और चयनित अभ्यर्थियों पर कार्रवाई हुई।

पेपर लीक और पक्षपात के आरोप

जांच एजेंसियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्रों की गोपनीयता से भी समझौता किया गया। आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र चुनिंदा लोगों तक पहुंचाए गए, जिससे उन्हें परीक्षा में अनुचित लाभ मिला। इसी आधार पर कई अधिकारियों, चयनित अभ्यर्थियों और अन्य संबंधित लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच एजेंसियों ने आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, उनके रिश्तेदारों और चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था। मामले में विस्तृत चार्जशीट भी अदालत में पेश की जा चुकी है।

भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़ रहे तार?

ताजा छापेमारी को लेकर यह चर्चा भी तेज है कि जांच एजेंसियां कुछ अन्य आर्थिक अनियमितताओं और चर्चित मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है।

जांच पर टिकी प्रदेश की नजर

CGPSC भर्ती घोटाला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित मामलों में शामिल है। लाखों अभ्यर्थियों से जुड़े इस प्रकरण में अब हर नई कार्रवाई को काफी गंभीरता से देखा जा रहा है। ताजा छापेमारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियों को नए दस्तावेज और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं, जिससे मामले के कई और पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।

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