13जून2026
जगदलपुर। बस्तर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 28 जून को जिले भर में आयोजित होने वाले इस विशेष टीकाकरण अभियान के तहत जन्म से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के 1 लाख 20 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 498 टीकाकरण बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। इनके संचालन और निगरानी के लिए लगभग दो हजार स्वास्थ्यकर्मी एवं सैकड़ों पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा दूरस्थ क्षेत्रों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, मड़ई, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों और घुमंतू परिवारों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल एवं ट्रांजिट टीमों की भी व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भारत लंबे समय से पोलियो मुक्त है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अब भी पोलियो वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी कारण नियमित अंतराल पर पल्स पोलियो अभियान चलाकर बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जाता है और संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे को रोका जाता है।
अभियान के पहले दिन 28 जून को सभी निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंचेंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पहले दिन ही नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं।
स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों के बल पर बस्तर एक बार फिर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पोलियो मुक्त समाज की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।