13जून2026
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर डीजल संकट किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनता नजर आ रहा है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच डीजल की कमी ने खेती-किसानी के कामों पर असर डालना शुरू कर दिया है। कोंडागांव जिले में कई पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है, जबकि जहां डीजल उपलब्ध है वहां भी सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें केवल 500 रुपये तक का डीजल दिया जा रहा है, जिससे ट्रैक्टर, डोजर और अन्य कृषि उपकरणों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
डीजल संकट से नाराज किसानों ने पेट्रोल पंप के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और उमरकोट-कोंडागांव मार्ग पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना है कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में ईंधन की कमी उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर रही है। कई किसान दूर-दराज के गांवों से घंटों सफर कर पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं, लेकिन लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद भी उन्हें पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है।
किसानों का कहना है कि जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में ईंधन की किल्लत से खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन और तेल कंपनियों से मांग की है कि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए ताकि खरीफ सीजन की तैयारियों में कोई बाधा न आए।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले ही अधिकारियों और तेल कंपनियों को किसानों को निर्बाध डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर यह संकट कब तक दूर हो पाता है।