13जून2026
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ की अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। बेमेतरा जिले के ग्राम सिंघानपुरी निवासी निलेश बंजारे और अंजलि यादव ने अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक बाबू पर 2.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। दंपति का दावा है कि पहले 70 हजार रुपये और बाद में 40 हजार रुपये रिश्वत देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि दस्तावेजी प्रक्रिया के नाम पर उनका बैंक पासबुक भी अपने पास रख लिया गया और उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाए गए।
मामला तब और चर्चाओं में आ गया जब कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेने के लिए संबंधित कर्मचारी बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचा, लेकिन मीडिया की मौजूदगी की भनक लगते ही वहां से भाग निकला। दंपति का आरोप है कि जल्दबाजी में भागते समय उसने उनका पासबुक भी रास्ते में फेंक दिया। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अंतरजातीय विवाह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जाती है, ऐसे में रिश्वतखोरी के आरोपों ने इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की निगाहें प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
ढाई लाख की सरकारी मदद पर ‘70 हजार की डील’! अंतर्जातीय विवाह योजना में रिश्वतखोरी के आरोप से मचा हड़कंप