शादी के तोहफे में मिला धोखा? मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में दुल्हनों को थमा दिए नकली गहने, वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

मनेंद्रगढ़।13जून26/ छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। योजना के तहत सामूहिक विवाह में शामिल हुई नवविवाहित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें उपहार स्वरूप चांदी के गहनों के बजाय नकली गहने दिए गए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी 2026 को रतनपुर क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया था। इस दौरान शासन की ओर से नवविवाहित जोड़ों को विभिन्न घरेलू और श्रृंगार सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई थी। अब कार्यक्रम में शामिल कुछ महिलाओं ने दावा किया है कि उन्हें जो गहने दिए गए थे, वे चांदी के नहीं बल्कि नकली धातु से बने हुए हैं।
वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं कथित तौर पर गहनों को दिखाते हुए उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शासन की ओर से चांदी के गहने दिए गए हैं, लेकिन बाद में जांच कराने पर पता चला कि गहने नकली हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे मामले की शिकायत की और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामला सामने आने के बाद लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में यदि लाभार्थियों को गुणवत्ता विहीन या नकली सामग्री वितरित की गई है तो यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि मामला महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग द्वारा खरीदी गई सामग्री, सप्लायर की भूमिका और वितरण प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित सप्लायर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और लोग सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
अब सबकी निगाहें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल सरकारी योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही का मामला होगा, बल्कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए संचालित कल्याणकारी योजना की साख पर भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

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