रायपुर: विजय शर्मा ने दावा किया है कि तेलंगाना में दो वरिष्ठ मोस्ट वांटेड नक्सलियों — देव जी और मल्ला राजू रेड्डी — ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने बताया कि देव जी संगठन में उस भूमिका में सक्रिय था, जिसे पहले बसवा राजू निभाता था, और वह छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों से जुड़े प्रमुख पद पर रहा है। वहीं मल्ला राजू रेड्डी को रणनीतिक स्तर का अहम सदस्य माना जाता था। सरकार इसे सुरक्षा बलों और संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता मान रही है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है और लगातार चल रही कार्रवाई से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
डिप्टी सीएम ने 22 फरवरी 2026 को मीडिया से चर्चा में कहा कि नक्सल विरोधी अभियान अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और संगठन की ताकत कमजोर पड़ी है। उन्होंने बताया कि करेगुट्टा क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन के दौरान अब तक 89 आईईडी बरामद किए जा चुके हैं, जिससे नक्सली नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, 31 मार्च तक लक्ष्य
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य रखा है और अब संगठन में सीमित लोग ही सक्रिय बचे हैं। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की संयुक्त कार्रवाई को इस सफलता का प्रमुख कारण बताया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लागू आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर दिख रहा है। वर्ष 2023 से अब तक 200 से अधिक नक्सलियों के सरेंडर करने का दावा किया गया है, जिसे सरकार विकास और विश्वास आधारित रणनीति का परिणाम मान रही है।
31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य, डिप्टी सीएम का बड़ा दावा