दंतेवाड़ा में नक्सलियों के गुप्त डंप का बड़ा खुलासा: 16 लाख का सोना, 2 लाख नकद और भारी मात्रा में हथियार-विस्फोटक बरामद

दंतेवाड़ा12जुलाई 2026/दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पित माओवादियों की निशानदेही पर थाना बारसूर क्षेत्र के तोड़मा गांव के जंगल-पहाड़ में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के गुप्त डंप से करीब 18 लाख रुपये मूल्य का सोना, नकद, हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, हाल ही में मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित माओवादियों की सटीक सूचना के आधार पर संयुक्त सर्च अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने जमीन के नीचे अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री को बरामद किया।

बरामद सामग्री में 116 ग्राम सोने का बिस्कुट (अनुमानित कीमत 16 लाख रुपये), 2 लाख रुपये नकद, एक इंसास राइफल, 16 इंसास मैगजीन, 4 एके-47 मैगजीन, 68 एके-47 राउंड, 23 एसएलआर मैगजीन, 34 एसएलआर राउंड, 5 बारह बोर बंदूकें, 3 बीजीएल लॉन्चर, एक बीजीएल सेल, कार्बाइन मैगजीन, 303 राउंड और चार्जर, रिवॉल्वर, एयरगन, बड़ी संख्या में टिफिन बम, पाइप बम, तीर बम, हैंड ग्रेनेड, देशी मोर्टार, डेटोनेटर, जिलेटिन, कोडेक्स वायर, कुकर, वर्दी, दवाइयां, नक्सली साहित्य और अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस का कहना है कि यह डंप माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले और अपनी गतिविधियों के संचालन के उद्देश्य से छिपाकर रखा था। समय रहते इस बरामदगी से नक्सलियों की संभावित बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है।

पुलिस ने इसे आत्मसमर्पण नीति की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि पूर्व माओवादियों के सहयोग से लगातार नक्सल संगठन कमजोर हो रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का मार्ग मजबूत हो रहा है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष माओवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाकर शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की अपील की है।

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