सरकारी वाहन चालकों का फूटा गुस्सा: शोषण, छुट्टियों में ड्यूटी और सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग पर खोला मोर्चा

कलेक्टर और कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, जीपीएस ट्रैकिंग, लॉगबुक ऑडिट और शोषण पर रोक की मांग, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।

जगदलपुर। 17julyसंभागीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ ने सरकारी वाहन चालकों के कथित शोषण और शासकीय वाहनों के दुरुपयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कई विभागों में वाहन चालकों से नियमों के विपरीत कार्य कराया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

संघ का कहना है कि कई अधिकारी छुट्टी के दिनों और निर्धारित कार्य समय के बाद भी वाहन चालकों से निजी एवं गैर-जरूरी कार्य कराते हैं। इतना ही नहीं, यदि कोई चालक इसका विरोध करता है तो उसके वेतन रोकने, तबादला करने या अटैचमेंट की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

संघ ने ज्ञापन में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई स्थानों पर शासकीय वाहनों का निजी कार्यों में उपयोग किया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए सभी सरकारी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाने, लॉगबुक का नियमित ऑडिट कराने तथा वाहनों की आवाजाही की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर और कमिश्नर ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि संघ ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

फिलहाल, सरकारी वाहन चालकों द्वारा उठाए गए इन आरोपों और मांगों ने सरकारी व्यवस्था में वाहन संचालन और संसाधनों के उपयोग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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