रायपुर, 6 अगस्त 2026।टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से मजबूत बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से प्रेरणादायक पहल सामने आई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जिला डाटा प्रबंधक निरंजन प्रसाद गुप्ता ने निक्षय मित्र बनकर 60 टीबी मरीजों को गोद लिया है। इनमें विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) समुदाय के 19 मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें नियमित रूप से पोषण आहार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।अक्टूबर 2024 से शुरू हुई इस पहल के तहत निरंजन गुप्ता मरीजों को केवल पोषण किट ही नहीं, बल्कि घर-घर जाकर टीबी के लक्षण, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव और पूरा उपचार लेने के महत्व के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं। इसका सकारात्मक असर यह हुआ कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है और मरीज समय पर इलाज के लिए आगे आ रहे हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, टीबी के इलाज में दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन भी बेहद जरूरी होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यही सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में निक्षय मित्र मरीजों को पोषण सहायता देकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उपचार को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।जशपुर के पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जैसे दूरस्थ जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए यह पहल और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उल्लेखनीय कार्यों के लिए निरंजन प्रसाद गुप्ता को दिसंबर 2024 में राज्य स्तरीय निक्षय मित्र पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।राज्य सरकार ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से अपील की है कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़ें, ताकि कोई भी मरीज संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
टीबी मरीजों के लिए उम्मीद बने ‘निक्षय मित्र’: जशपुर में 60 मरीजों को पोषण सहायता, 19 पीवीटीजी मरीज भी शामिल