प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल ने संभाला मोर्चा, बाढ़ में फंसे दर्जनों लोगों का युद्धस्तर पर सफल रेस्क्यू
जगदलपुर, 25 सितम्बर 2026/ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से समूचे बस्तर संभाग में अनवरत जारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बुधवार से जारी मूसलाधार बारिश और उफनते नदी-नालों के बीच जिला प्रशासन ने सक्रियता के साथ व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। विपरीत परिस्थितियों के बीच प्रशासनिक अमले और आपदा बचाव दलों ने नदी बोड़ना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित बाहर निकालते हुए ग्राम पंचायत भवन में बनाए गए अस्थाई शिविर में पहुंचाया। इसी तत्परता के साथ तोकापाल के घाट धनोरा से भी 25 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि ग्राम पलवा और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र के निचले रिहायशी स्थलों में पानी भरने के बाद वहां के प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थलों और पंचायत भवनों में शिफ्ट कर दिया गया है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस सघन बचाव अभियान की वजह से स्थिति लगातार नियंत्रण में बनी हुई है। मन्धोता तथा बकावंड के बेलगांव जैसे चारों तरफ से पानी से घिरे इलाकों पर भी बचाव दल नावों और विशेष उपकरणों के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।साथ ही वर्तमान में प्रशासनिक अधिकारी और आपदा बचाव दल लगातार मैदानी अमले से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे संबंधित क्षेत्र में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उल्लेखनीय है कि मूसलाधार बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और सुरक्षा मानकों के तहत ओडीसा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन तथा मुरान बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अपनी सतर्कता और गश्त और तेज कर दी है। इसके साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें और उफनते नदी-नालों या जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं। हालात पर ध्यान रखकर बचाव दल हर संवेदनशील क्षेत्र में लगातार डटे हुए हैं।