नई दिल्ली 14जुलाई 2026/शिक्षा सुधारों और छात्रों के न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। लंबे उपवास के कारण उनका करीब 7.5 किलो वजन घट चुका है, जबकि ब्लड शुगर लगातार गिरने से उनकी शारीरिक स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक कमजोरी के चलते सोनम वांगचुक को उठने-बैठने, चलने-फिरने और बोलने में भी कठिनाई हो रही है। उनकी सेहत पर चिकित्सकों की टीम 24 घंटे निगरानी रखे हुए है।
सोनम वांगचुक शिक्षा सुधारों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर समर्थकों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है, जबकि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से सभी की नजरें संभावित पहल पर टिकी हैं।