मुजफ्फरपुर14सितम्बर 2026/बिहार के मुजफ्फरपुर में डकैती की साजिश से जुड़े करीब आठ साल पुराने मामले में अदालत ने पुलिसकर्मियों की लगातार गैरहाजिरी पर कड़ा रुख अपनाया है। एडीजे-11 की अदालत ने चार दारोगा समेत 11 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट (NBW) जारी करते हुए उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है। सभी को 28 अक्टूबर तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।
मामला सरैया थाना क्षेत्र का है। 17 सितंबर 2018 की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि मनिकपुर स्थित भगत सिंह उच्च विद्यालय के मैदान में कुछ लोग डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर राहुल कुमार यादव उर्फ क्रांति यादव, मो. अंजार और मुकेश कुमार राम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से लोडेड देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद करने का दावा किया था।
वहीं अनिल कुमार, गुड्डू सहनी और राजेश राय मौके से फरार हो गए थे। मामले में कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया और गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया। फिलहाल इस केस का ट्रायल अदालत में चल रहा है।
गवाही के लिए नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
मामले की सुनवाई के दौरान छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों को गवाही देने के साथ-साथ जब्त हथियार और अन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत करने थे। लेकिन कई तारीखों पर संबंधित पुलिसकर्मी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने 8 मई 2025 को उन्हें समन जारी किया, इसके बावजूद उनकी पेशी नहीं हुई।
इसके बाद 20 अगस्त 2026 को अदालत ने जमानतीय वारंट जारी किया, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने अब गैर जमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
कार्रवाई की जद में सरैया थाने में तैनात दारोगा मो. अलाउद्दीन, शत्रुघ्न सहनी, योगेंद्र कुमार सिंह और जांच अधिकारी अनिल कुमार समेत बीएमपी के हवलदार संजय शर्मा, सिपाही अभय कुमार सिंह, अजहर खान, राहुल कुमार और परिचारी चालक राधाकांत प्रसाद सहित कुल 11 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को वारंट की तामील कराते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया है।