जगदलपुर, 26 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल का वनग्राम धुड़मारास अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नक्शे पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ता दिख रहा है। यूएन मेंटर एवं Hiva Coaching and Consulting की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन के छह दिवसीय दौरे के चौथे दिन यहाँ साहसिक पर्यटन, स्थानीय भागीदारी और वैश्विक विशेषज्ञता का प्रभावी संगम देखने को मिला।
सुबह की शुरुआत कांगेर नाला के तट पर कयाकिंग और राफ्टिंग गतिविधियों के तकनीकी निरीक्षण से हुई, जहाँ स्थानीय इको-डेवलपमेंट समितियों, वेंडरों और विशेषज्ञों ने मिलकर एडवेंचर टूरिज्म के सुरक्षित संचालन और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों और रोमांचक गतिविधियों की वजह से धुड़मारास आने वाले समय में देश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म केंद्रों में शामिल हो सकता है।
तकनीकी अवलोकन के बाद आयोजित सत्र में भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रतिनिधियों ने पर्यटन ढांचे और विकास योजनाओं पर प्रस्तुति दी। मुख्य संबोधन में किर्सी ह्यवैरिनेन ने यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज प्रोग्राम के मानकों के अनुरूप ग्राम उन्नयन की रणनीति साझा करते हुए कहा कि स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी ही किसी भी पर्यटन गांव की असली ताकत होती है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ग्रामीणों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें भविष्य की योजनाओं को लेकर उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। पारंपरिक बस्तरिय आतिथ्य और वैश्विक विजन के इस मेल ने यह भरोसा मजबूत किया कि बस्तर का यह क्षेत्र अब केवल क्षेत्रीय पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन सकता है।
दोपहर पूर्व औपचारिक विदाई बैठक के साथ दिनभर के कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन धुड़मारास में पर्यटन विकास की नई संभावनाओं की शुरुआत यहीं से मानी जा रही है।
बस्तर का धुड़मारास बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हॉटस्पॉट: यूएन मेंटर ने दिखाया विकास का रोडमैप