जगदलपुर, 25 फरवरी 2026। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर जिला स्तर पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े मामलों में समन्वित कार्रवाई, कानूनी जानकारी और त्वरित सहायता तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में बेहतर परिणाम तभी संभव हैं, जब विभागीय समन्वय मजबूत हो। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत, पुलिस, श्रम और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से इस तरह की पहल महिलाओं को वास्तविक लाभ पहुंचाने में मददगार होगी।
कार्यक्रम में घरेलू हिंसा कानून, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम और महिलाओं-बच्चों की तस्करी की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। जेंडर मास्टर ट्रेनर, संगवारी जेंडर रिसोर्स सेंटर के सदस्य, नारी अदालत समिति और सखी वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
पुलिस विभाग की ओर से थाना प्रभारी माधुरी नायक ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध तकनीकी साधनों की जानकारी देते हुए अभिव्यक्ति ऐप के उपयोग और जीरो एफआईआर की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि किसी भी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने के लिए क्षेत्राधिकार की बाध्यता नहीं होती और तत्काल कार्रवाई संभव है।
कार्यशाला का संचालन संरक्षण अधिकारी वीनू हिरवानी ने किया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक महिलाओं के अधिकारों और हेल्पलाइन सेवाओं—181, 112 और 1098—की जानकारी पहुंचाएं, ताकि संकट की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो
महिलाओं की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: जगदलपुर में कानून और सहायता तंत्र पर विशेष कार्यशाला