2जून2026
जयपुर/फलोदी। राजस्थान में आए तेज चक्रवाती तूफान और आंधी ने सौर ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा झटका दिया है। राज्य के फलोदी जिले के देणोक क्षेत्र और देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा केंद्रों में शामिल भड़ला सोलर पार्क में तेज अंधड़ के चलते 700 से अधिक सोलर प्लेटें टूटकर बिखर गईं। कई जगहों पर लोहे के स्ट्रक्चर उखड़ गए और कंट्रोल सिस्टम भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे बिजली उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में आए तेज तूफान और धूल भरी आंधी ने सोलर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण सोलर पैनल अपने आधार से उखड़कर दूर-दूर तक जा गिरे। कई प्लेटें पूरी तरह टूट गईं, जबकि अनेक सोलर यूनिट्स और विद्युत नियंत्रण उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान इतना शक्तिशाली था कि कुछ ही मिनटों में पूरे क्षेत्र का नजारा बदल गया। सोलर पार्क में लगी हजारों प्लेटों में से सैकड़ों प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और कई गांवों में पेयजल तथा सिंचाई संबंधी समस्याएं भी सामने आईं।
भड़ला सोलर पार्क देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा उत्पादन केंद्रों में से एक माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में बिजली का उत्पादन होता है, जो विभिन्न राज्यों को आपूर्ति की जाती है। ऐसे में इस तरह की क्षति से बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद संबंधित कंपनियों और तकनीकी टीमों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ क्षतिग्रस्त पैनलों और संरचनाओं की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान के लिए बीमा क्लेम की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब मौसम की संभावना जताई है। ऐसे में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
मुख्य बिंदु:
- फलोदी और भड़ला सोलर पार्क में आंधी से भारी नुकसान।
- 700 से ज्यादा सोलर प्लेटें टूटकर बिखरीं।
- कई लोहे के स्ट्रक्चर और कंट्रोल सिस्टम क्षतिग्रस्त।
- बिजली आपूर्ति और उत्पादन पर पड़ा असर।
- नुकसान का आकलन और मरम्मत कार्य शुरू।