2जून2026
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तेंदूपत्ता भंडारण केंद्र में लगी भीषण आग के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम में हुई इस आगजनी से करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया था। प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद विभाग ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, बीजापुर वनमंडलाधिकारी (DFO) ने गोदाम प्रभारी सुनील बूरका और वनरक्षक कामेश्वर एनका को कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि गोदाम की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई, जिसके चलते इतनी बड़ी घटना सामने आई।
गौरतलब है कि बीते 25 मई को ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में संग्रहित लाखों मानक बोरा तेंदूपत्ता कुछ ही घंटों में जलकर खाक हो गया। घटना के बाद पूरे वन महकमे में हड़कंप मच गया था और नुकसान का प्रारंभिक आंकलन लगभग 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
आगजनी के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू की। जांच टीम ने गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, भंडारण प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की समीक्षा की। इसी दौरान कुछ स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर विभाग ने यह कार्रवाई की है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। साथ ही नुकसान का अंतिम आंकलन भी तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने तेंदूपत्ता संग्रहण और भंडारण व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद वन विभाग में हलचल तेज हो गई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।