4जून2026
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बोरई थाना क्षेत्र के आमानारा गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब ग्रामीणों को एक खेत में हाल ही में बनाई गई कब्र दिखाई दी। कब्र को देखकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे हत्या का मामला बताया तो कुछ ने लापता महिला की संदिग्ध मौत से जोड़कर अफवाहें फैलानी शुरू कर दीं। देखते ही देखते पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया और लोग सच्चाई जानने को लेकर बेचैन हो उठे।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक तौर पर जिस महिला के शव होने की आशंका जताई जा रही थी, उसकी पहचान बिंदा बाई के रूप में हुई। जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल के रिकॉर्ड और परिवार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला कि बिंदा बाई किसी आपराधिक घटना का शिकार नहीं हुई थीं। उनकी तबीयत लंबे समय से खराब थी और इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 30 मई को उनकी मौत हो गई थी। अस्पताल के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी।
जांच में एक और बेहद संवेदनशील पहलू सामने आया। बताया गया कि मृतका का परिवार पिछले करीब पांच वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहा था। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण गांव के लोगों ने परिवार से दूरी बना ली थी। ऐसे में महिला की मौत के बाद परिवार को अंतिम संस्कार की सामान्य सामाजिक सहायता भी नहीं मिल सकी।
इसी मजबूरी के चलते महिला के पति ने शव को गांव के श्मशान घाट ले जाने के बजाय अपने घर के पीछे स्थित बाड़ी में ही दफना दिया। जब ग्रामीणों ने वहां कब्र देखी तो बिना पूरी जानकारी के हत्या और रहस्यमयी मौत की आशंका जताने लगे, जिससे मामला चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि पुलिस की विस्तृत जांच और अस्पताल के रिकॉर्ड के मिलान के बाद स्पष्ट हो गया कि महिला की मौत बीमारी के कारण हुई थी और इसमें किसी तरह की आपराधिक साजिश या हत्या के कोई प्रमाण नहीं हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
यह घटना केवल एक जांच का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक बहिष्कार जैसी कुरीतियों की दर्दनाक तस्वीर भी सामने लाती है, जहां एक परिवार को इतना अकेला पड़ गया कि उसे अपने प्रियजन का अंतिम संस्कार भी घर की बाड़ी में करना पड़ा। पुलिस द्वारा सच्चाई सामने आने के बाद गांव में फैला भ्रम और तनाव अब काफी हद तक समाप्त हो गया है।