4जून2026
रायपुर। राजधानी रायपुर में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। इस बार ठगी का शिकार कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त एक जज बने हैं। पुरानी कार खरीदने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ले लिए गए, लेकिन न तो कार सौंपी गई और न ही रकम वापस की गई। अब पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के पिरदा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त न्यायाधीश कृष्णकांत भारद्वाज ने वर्ष 2025 में एक पुरानी क्रेटा कार खरीदने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने आमासिवनी स्थित एक कार शोरूम संचालक से संपर्क किया। बातचीत के बाद वाहन का सौदा करीब 6.50 लाख रुपये में तय हुआ और जल्द ही कार उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया।
कार खरीदने के लिए कृष्णकांत भारद्वाज ने एक वित्तीय संस्था से वाहन ऋण भी लिया। आरोप है कि ऋण की राशि सीधे कार विक्रेता के खाते में जमा कर दी गई। भुगतान होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि कुछ ही दिनों में वाहन उनके घर पहुंच जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समय बीतता गया और कार की डिलीवरी नहीं हुई। जब उन्होंने संबंधित संचालक से संपर्क किया तो हर बार नया आश्वासन दिया गया। कभी वाहन तैयार होने की बात कही गई तो कभी कुछ तकनीकी कारण बताकर मामला टाल दिया गया। महीनों तक इंतजार करने के बावजूद न तो वाहन मिला और न ही उससे जुड़े कोई दस्तावेज सौंपे गए।
शक होने पर जब उन्होंने अपने ऋण खाते और भुगतान की जानकारी जुटाई तो पता चला कि लोन की पूरी राशि संबंधित कारोबारी के खाते में पहुंच चुकी है। इसके बावजूद वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। यहीं से उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
लगातार चक्कर काटने और समाधान नहीं मिलने के बाद सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने विधानसभा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और सौदे से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इस मामले ने एक बार फिर पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री में सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं तथा दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।