बीजापुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुण्डेपुरी में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई है। 5 फरवरी 2026 को डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 21वीं वाहिनी की संयुक्त टीमों ने दुर्गम परिस्थितियों के बीच इस कैम्प को सफलतापूर्वक स्थापित किया।
घने जंगल, दुर्गम रास्ते और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और उच्च मनोबल का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की। वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 34 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं, जो नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास की मजबूत नींव रख रहे हैं।
यह कैम्प भोपालपटनम–फरसेगढ़–सेण्ड्रा होते हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली को जोड़ने वाले अंतर्राज्यीय संपर्क को भी सुदृढ़ करेगा। इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन पुल के पूर्ण होने से सुदूर गांवों तक सड़क, प्रशासनिक पहुँच और बुनियादी सुविधाएँ और बेहतर होंगी।
नए सुरक्षा कैम्प की स्थापना से इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मोबाइल नेटवर्क और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर ग्रामीणों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनेगा।
बीजापुर जिले में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। वर्ष 2024 से अब तक 888 माओवादियों ने आत्मसमर्पण, 232 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरी पहल पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में संचालित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स रविंद्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना, एसडीओपी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी एवं डीएसपी सिद्धार्थ सिंह चौहान की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत कैम्प की स्थापना की गई।
नवीन कैम्प से न केवल नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आएगी, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी यह एक निर्णायक कदम साबित होगा।
नक्सल प्रभावित गुण्डेपुरी में नया सुरक्षा कैम्प स्थापित, बीजापुर में विकास और सुरक्षा को मिली नई रफ्तार