मकर संक्रांति पर लामनी पार्क बनेगा उत्सव का रंगीन आसमान

वन विभाग आयोजित करेगा चित्रकला व पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता, बच्चों-अभिभावकों के लिए खास आयोजन
जगदलपुर, – मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जगदलपुर का प्रसिद्ध लामनी पार्क रंगों, रचनात्मकता और पतंगों से सराबोर होने जा रहा है। बस्तर वन विभाग द्वारा 14 जनवरी को ‘चित्र-विचित्र’ संस्था के सहयोग से चित्रकला एवं पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी सहभागिता कर सकेंगे।
इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य बच्चों और परिवारों में प्रकृति, वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पारिवारिक सहभागिता के माध्यम से सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना है। कार्यक्रम के तहत दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसका विषय “प्रकृति, वन एवं पर्यावरण” रहेगा। इसके पश्चात शाम 3 बजे से पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
बस्तर वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिताओं को विभिन्न आयु वर्गों में विभाजित किया गया है ताकि सभी बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रोत्साहनात्मक प्रतियोगिता रखी गई है, जिसमें सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
6 से 10 वर्ष (कक्षा 1 से 5) आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्रथम पुरस्कार 5,000 रुपये, द्वितीय 3,000 रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 2,000 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं 11 से 18 वर्ष (कक्षा 6 से 12) के वरिष्ठ वर्ग के लिए पुरस्कार राशि और भी आकर्षक रखी गई है—प्रथम पुरस्कार 10,000 रुपये, द्वितीय 7,000 रुपये और तृतीय पुरस्कार 4,000 रुपये।
इसके अतिरिक्त पतंग उड़ाओ प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 2,100 रुपये और द्वितीय पुरस्कार 1,100 रुपये दिया जाएगा।
इस आयोजन में शासकीय एवं निजी विद्यालयों के छात्र भाग ले सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थियों को अपने-अपने विद्यालयों में ही नाम पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद विद्यालयों द्वारा प्रतिभागियों की सूची आयोजकों को प्रेषित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों और परिवारों के लिए भी मनोरंजक खेल एवं गतिविधियों की व्यवस्था की गई है।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मकर संक्रांति के इस विशेष अवसर पर अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक संख्या में लामनी पार्क पहुंचकर उत्सव, कला और पर्यावरण संरक्षण के इस अनूठे संगम का हिस्सा बनें।

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