मनरेगा के कुएं ने बदली किसान की किस्मत, अब बारिश का इंतजार नहीं

तोकापाल के पाकलू पोयाम के खेतों में लहलहा रही धान, मक्का और सब्जियों की फसल

जगदलपुर, 23 सितंबर 2026। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम पंचायत बुरूंगपाल निवासी किसान पाकलू पोयाम के लिए अब खेती बारिश पर निर्भर नहीं रही। मनरेगा के तहत उनके खेत में बने कुएं से नियमित सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद खेतों में धान के साथ मौसमी सब्जियों और मक्के की फसल लहलहा रही है।

पहले सिंचाई का स्थायी साधन नहीं होने के कारण पाकलू की खेती पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर थी। बारिश कम होने या देरी से आने पर फसल प्रभावित होती थी और परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

किसान की समस्या को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत बुरूंगपाल के माध्यम से मनरेगा के तहत निजी कूप निर्माण के लिए 2 लाख 93 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई। कुएं का निर्माण 19 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और करीब 2 लाख 60 हजार रुपये की लागत से 10 सितंबर 2026 को पूरा हुआ।

निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर करीब 600 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ। मजदूरी के रूप में परिवार को 267 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान मिला।

कुआं तैयार होने और पानी उपलब्ध होने के बाद पाकलू ने अपने खेत में धान के साथ मक्का और मौसमी हरी सब्जियों की खेती शुरू कर दी है। अतिरिक्त उपज को बाजार में बेचकर उन्हें आय का अतिरिक्त साधन मिल रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिल रही है।

पाकलू पोयाम का कहना है कि सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलने से खेती को नई मजबूती मिली है। मनरेगा के तहत बने इस कुएं ने उनके लिए खेती को बारिश की अनिश्चितता से निकालकर नियमित आजीविका का जरिया बना दिया है।

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