कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर लहराया तिरंगा, 600 किमी की बस्तर तिरंगा यात्रा का भव्य समापन

जगदलपुर, 15 अगस्त 2026। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के बाद लोगों के मन से भय और भ्रम दूर करने के उद्देश्य से निकाली गई तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा का शुक्रवार को कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर तिरंगा फहराने के साथ भव्य समापन हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने कर्रेगुट्टा पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा फहराया।

तीन दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों से गुजरते हुए करीब 600 किलोमीटर की बाइक यात्रा पूरी की गई। अंतिम दिन यात्रा बीजापुर से शुरू होकर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पहुंची।

कर्रेगुट्टा में जवानों से मुलाकात के बाद उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने विभिन्न मुठभेड़ों में शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया। शहीदों की शहादत की मिट्टी भी संग्रहीत की गई। इस दौरान शहीद जवानों के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना गया।

तिरंगा फहराने के बाद विजय शर्मा ने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर तिरंगा फहराना उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में आज बिना भय के तिरंगा लहराना जवानों के अदम्य पराक्रम और बस्तर की जनता की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गई है और नक्सलवाद की हार हो रही है।

उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि लोग मानते हैं कि मंत्री सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए सुरक्षा कैंपों में जाते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे जवानों से ऊर्जा और प्रेरणा लेने आते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदकों से सम्मानित किया है।

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों के मन से भय पहले ही काफी हद तक खत्म हो चुका था, जबकि बचा हुआ भय और भ्रम तिरंगा यात्रा ने दूर किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास के लिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है, लेकिन यह विकास बस्तर की अपनी लय और जरूरतों के अनुरूप होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी किसी ने नहीं सोचा था कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर इस तरह बिना डर के खड़ा होना संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से यह बदलाव संभव हुआ है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सुकमा सहित बस्तर के क्षेत्रों में करीब 600 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद इन क्षेत्रों में पहली बार तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली और पराक्रम का संदेश देता है।

गांव-गांव हुआ यात्रा का स्वागत

कर्रेगुट्टा के रास्ते में ग्रामीणों और बच्चों ने तिरंगा यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। बच्चों ने भारत माता की जय और तिरंगे की जय के नारे लगाए। यात्रा के दौरान आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला और कर्रेगुट्टा में शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया गया तथा ग्रामीणों से संवाद किया गया।

देर रात टेकलगुडेम पहुंचे मंत्री

यात्रा के दूसरे दिन देर रात करीब 9 बजे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप टेकलगुडेम पहुंचे। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तिरंगा हाथ में लेकर यात्रा का स्वागत किया। नक्सली गतिविधियों के लिए कुख्यात रहे हिड़मा के गांव पूवर्ती से भी ग्रामीण स्वागत के लिए पहुंचे।

भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा के ग्रामीण देर रात तक यात्रा के स्वागत के लिए मार्ग में मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

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