जगदलपुर, 29 जुलाई 2026। नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड के सारंडा क्षेत्र में माओवादी संगठन के शीर्ष नेता और डेढ़ करोड़ रुपए के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल को सुरक्षाबलों ने दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। मिसिर बेसरा पर झारखंड में 55 जवानों की शहादत से जुड़े IED ब्लास्ट सहित हत्या, विस्फोट, पुलिस बलों पर हमले और आर्म्स एक्ट के 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि मिसिर बेसरा अपने साथियों के साथ नए ठिकाने की तलाश में सारंडा के जंगलों से गुजर रहा है। इसके बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। वह माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो का सदस्य तथा पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो (ERB) का प्रभारी रहा है और बीते दो दशकों से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा छत्तीसगढ़ में सक्रिय था।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक मिसिर बेसरा का बस्तर से भी गहरा संबंध रहा है। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय नेटवर्क के बीच समन्वय स्थापित करने, कैडरों को प्रशिक्षण देने, हथियार आपूर्ति और बड़े हमलों की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाता था। उसकी गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इधर मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के अगले ही दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में झारखंड में सक्रिय रहे 8 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 49 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक बी.एस. नेगी ने बताया कि बड़े माओवादी नेताओं के लगातार खत्म होने और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को संविधान की प्रति और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। अधिकारियों का कहना है कि झारखंड और बस्तर क्षेत्र में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेतृत्व अब लगभग समाप्ति की ओर है और शेष कैडरों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।