बीजापुर, 29 जुलाई 2026। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बीजापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड राज्य में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 8 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लंबे समय से झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे और संगठन में डीवीसीएम, एसीएम समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव, संगठन की कमजोर होती स्थिति, हिंसक और जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग तथा छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन, दोबा माड़वी उर्फ राहत, फगनी पोयाम उर्फ रजनी, सूरज मुन्नी चम्पिया उर्फ सुबनी, हिड़मे कड़ती उर्फ रीता, बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा और सलमी चम्पिया उर्फ जिलानी शामिल हैं। इनमें कई कैडर झारखंड के दक्षिण जोनल कमेटी, सरांडा सब जोनल कमेटी और कोल्हान एरिया कमेटी में सक्रिय थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण की इस सफलता में झारखंड पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और बीजापुर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय एवं विश्वास निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू कर सकें।