रांची, 29 जुलाई 2026। झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर के संयुक्त दबाव के चलते प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 16 सक्रिय नक्सलियों ने ऑपरेशन ‘नवजीवन-II’ के तहत 28जुलाई को आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य सहित कई जोनल, सब-जोनल और एरिया कमेटी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने पुलिस को 6 इंसास राइफल, 2 एके-47, 1 एचके-33 राइफल, 1 यूएस कार्बाइन और 1 एम-16 राइफल समेत कुल 11 हथियार, 38 मैगजीन और 1562 जिंदा कारतूस सौंपे हैं। पुलिस के अनुसार ये नक्सली कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगलों में सक्रिय थे और शीर्ष माओवादी नेताओं के दस्तों से जुड़े हुए थे। डीजीपी तदाशा मिश्र ने बताया कि लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहा है। वहीं आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह ने जानकारी दी कि इसी नेटवर्क से जुड़े आठ अन्य नक्सली भी छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वर्ष 2026 में अब तक 45 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, 93 गिरफ्तार हुए हैं और 22 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए हैं। पुलिस ने शेष सक्रिय नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
ऑपरेशन नवजीवन-II का बड़ा असर: 16 खूंखार नक्सलियों ने हथियार डालकर किया सरेंडर, 11 आधुनिक हथियार और 1562 गोलियां सौंपीं