रायपुर, 21 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच महानदी जल बंटवारे समेत दोनों राज्यों के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी जल बंटवारे को लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में एक ही गठबंधन की सरकार होने और केंद्र सरकार की सक्रियता से इस विवाद का शीघ्र समाधान संभव है। बेहतर समन्वय से दोनों राज्यों के लोगों को लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही।
1983 से चला आ रहा है विवाद
महानदी जल विवाद की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी। उस समय छत्तीसगढ़ अलग राज्य नहीं बना था और विवाद तत्कालीन मध्य प्रदेश तथा ओडिशा के बीच था। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के बाद भी दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे को लेकर कई दौर की उच्चस्तरीय बातचीत हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
वर्ष 2016 में ओडिशा सरकार ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अंतरराज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2018 को महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का गठन किया।
मुख्यमंत्री साय ने भुवनेश्वर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दोनों राज्यों के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी लंबे समय से गहरे संबंध हैं।