नारायणपुर16सितम्बर 2026/बस्तर की पहचान बनी पारंपरिक लकड़ी की कलाकृतियों की चोरी के मामले में नारायणपुर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। पद्मश्री कलाकार पंडिराम मांडवी की गढ़बेंगाल स्थित कार्यशाला से गायब हुई 17 कलाकृतियों में से पुलिस ने 12 को बरामद कर लिया है। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
चोरी के बाद शुरू हुई तलाश
जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त की रात कार्यशाला में रखी कई लकड़ी की कलाकृतियां गायब हो गई थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की। चोरी गई कलाकृतियों का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों और उनसे जुड़े लोगों पर नजर रखी।
इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी की गई कुछ कलाकृतियों को खपाने की कोशिश की जा रही है। सूचना को पुख्ता करने के बाद टीम ने कोंडागांव जिले के नरहरपारा में कार्रवाई की और अनिल विश्वकर्मा को पकड़ लिया।
गणेश और राधा-कृष्ण की मूर्तियां भी मिलीं
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से 12 लकड़ी की कलाकृतियां मिली हैं। इनमें भगवान गणेश की मूर्ति और राधा-कृष्ण की मूर्ति भी शामिल हैं। बरामद अन्य कलाकृतियां भी बस्तर की पारंपरिक शैली में तैयार की गई हैं।
कलाकार से सीख चुका है मूर्तिकला
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी और पंडिराम मांडवी के बीच पुराने संबंध की जानकारी मिली। बताया गया कि अनिल विश्वकर्मा पहले पंडिराम मांडवी के साथ रहकर मूर्तिकला का काम सीख चुका है। पुलिस का मानना है कि कार्यशाला और वहां मौजूद कलाकृतियों की जानकारी होने से उसे चोरी में मदद मिली हो सकती है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पूर्व में चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।
बाकी मूर्तियों और फरार साथी की तलाश
चोरी हुई 17 कलाकृतियों में से अभी 5 कलाकृतियां बरामद नहीं हुई हैं। वहीं, घटना में शामिल दूसरा आरोपी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की गई कलाकृतियों को बेचने की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई से फिलहाल 12 कलाकृतियां वापस मिल गई हैं। अब बाकी कलाकृतियों की बरामदगी और फरार आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार है।