जगदलपुर, 10 मार्च।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुम्हरावंड स्थित शहीद गुंडाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में सात दिवसीय विशेष शिविर के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक में बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी भूमिका को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. नेताम मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का शिक्षित और सशक्त होना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर डॉ. सोनाली कर, डॉ. पदमाक्षी ठाकुर, डॉ. चेतना खांडेकर, डॉ. विनीता पांडेय, डॉ. गुंजा ठाकुर, सोमा बंछोर, शालिनी मिश्रा और ऋचा धुरंधर सहित कई महिला विशेषज्ञों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महिलाओं के अधिकारों तथा उनकी प्रगति पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. ए.के. ठाकुर, डॉ. आर.आर. कंवर, डॉ. पी.के. सलाम और एम.बी. तिवारी सहित महाविद्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि सशक्त और शिक्षित महिला ही एक प्रगतिशील समाज की आधारशिला होती है।
नुक्कड़ नाटक से गूंजा महिला सशक्तिकरण का संदेश, कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जगाई शिक्षा की अलख