जन्म से बंद थे मलद्वार और मूत्र मार्ग, दो सफल ऑपरेशनों ने लौटाई मासूम की मुस्कान

जगदलपुर। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम छापर भानपुरी निवासी तीन वर्षीय अरुलेश बघेल के जीवन में अब खुशियों ने दस्तक दे दी है। जन्म से ही मलद्वार और मूत्र मार्ग बंद होने जैसी गंभीर जन्मजात बीमारी से जूझ रहे इस मासूम को दो सफल ऑपरेशनों के बाद नया जीवन मिला है।
अरुलेश के पिता तुलसीदास बघेल के अनुसार, बेटे की गंभीर स्वास्थ्य समस्या पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। जन्म से ही मलद्वार और पेशाब का रास्ता बंद होने के कारण उसे लगातार शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ रही थी। बेटे को तकलीफ में देखकर माता-पिता भी बेहद परेशान रहते थे।
फरवरी 2025 में स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्चे की गंभीर स्थिति का पता चला, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। वहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उसे निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली। जून 2025 में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसका पहला सफल ऑपरेशन कर मलद्वार का निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखने को मिला।
चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी रहा और फरवरी 2026 में रायपुर में ही मूत्र मार्ग का दूसरा जटिल ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। दोनों सफल सर्जरी और निरंतर चिकित्सकीय देखभाल के बाद अब अरुलेश सामान्य बच्चों की तरह खेल-कूद रहा है और स्वस्थ जीवन जी रहा है।
तुलसीदास बघेल ने बताया कि बेटे को स्वस्थ देखकर पूरे परिवार को बड़ी राहत मिली है। सबसे अधिक खुशी उसकी दादी को हुई है, जो उसके साथ सबसे ज्यादा समय बिताती हैं। उन्होंने उपचार में सहयोग देने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और रायपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों का आभार जताया। साथ ही आयुष्मान योजना के तहत मिले निःशुल्क इलाज के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर बड़ी राहत प्रदान की है।

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