एक करोड़ की जमीन बनी हत्या की वजह: दामाद ने ससुर का गला घोंटा, नदी में शव ठिकाने लगाने से पहले पुलिस ने दबोचा

रायपुर 8सितंबर 2026/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जमीन की रकम को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेचने से मिले पैसों को लेकर विवाद के चलते दामाद ने अपने ही ससुर की हत्या कर दी। आरोपी ने कथित तौर पर जीआई तार से गला घोंटकर ससुर की जान ले ली और शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रख दिया।

आरोपियों की योजना शव को खारुन नदी में फेंककर हत्या के सबूत मिटाने की थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका प्लान नाकाम हो गया।

रात में संदिग्ध टाटा मैजिक ने बढ़ाया पुलिस का शक

घटना 4 सितंबर की रात की बताई जा रही है। धरसीवां थाना क्षेत्र में पुलिस टीम परसतराई इलाके में गश्त कर रही थी। करीब रात 1:15 बजे पुलिस को एक टाटा मैजिक संदिग्ध हालत में दिखाई दी।

पुलिस ने वाहन को रोकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय पीछे लेना शुरू कर दिया। शक बढ़ने पर पुलिस ने पीछा किया। कुछ दूर जाकर शीतला मंदिर के पास चालक ने वाहन रोक दिया और उसमें सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकले।

चादर खोलते ही सामने आई लाश

पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली तो अंदर चादर में लिपटा एक व्यक्ति मिला। चादर से पैर बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस ने चादर खोली तो अंदर मोहन निषाद का शव बरामद हुआ।

शव को इस तरह छिपाकर ले जाने से पुलिस को आशंका हुई कि हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही थी। वाहन पर मिले मोबाइल नंबर की जांच से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में अहम सुराग मिला।

एक करोड़ की जमीन के पैसों को लेकर था विवाद

जांच में सामने आया कि मृतक मोहन निषाद ने हाल ही में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेची थी। इसी रकम में हिस्से या पैसों की मांग को लेकर उसके बड़े दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। दोनों ने शराब पी। इसी दौरान जमीन की रकम को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर हेमराज ने कथित तौर पर जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

शव को नदी में फेंकने की थी तैयारी

हत्या के बाद शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की योजना शव को खारुन नदी में फेंकने की थी।

लेकिन इससे पहले ही परसतराई के पास गश्त कर रही पुलिस की नजर वाहन पर पड़ गई। पुलिस को देखकर आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए और बाद में बस से बिलासपुर की ओर निकल गए।

मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार

पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की मूल घटना उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है।

मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों तथा सबूत मिटाने के प्रयास से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

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