तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटियों ने लहराया सफलता का परचम, बोर्ड परीक्षा में चमकीं रुद्राणी और डालेश्वरी

जगदलपुर, 05 जून। आर्थिक अभाव और सीमित संसाधनों के बावजूद बस्तर की दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। बकावंड विकासखंड के ग्राम उलनार की रहने वाली रुद्राणी कश्यप और डालेश्वरी बघेल ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।

तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से जुड़ी इन दोनों छात्राओं ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखते हुए शानदार सफलता हासिल की। रुद्राणी कश्यप ने सेजेस करपावंड में अध्ययन करते हुए उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किया, वहीं डालेश्वरी बघेल ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उलनार से पढ़ाई कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचलों की बेटियां भी अवसर मिलने पर किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत दोनों छात्राओं को 15-15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। उलनार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में सांसद महेश कश्यप ने छात्राओं को चेक सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उच्च शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्राओं को पौधे भी भेंट किए गए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।

रुद्राणी की माता कुंती कश्यप ने बेटी की सफलता को पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि रुद्राणी की रुचि जीव विज्ञान में है और परिवार उसके सपनों को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। वहीं डालेश्वरी के पिता लम्बोदर बघेल ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और बेटी की मेहनत को दिया।

तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्य से जुड़े परिवारों की इन बेटियों की सफलता आज बस्तर की हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है। शिक्षा प्रोत्साहन योजना से मिली सहायता ने न केवल उनका उत्साह बढ़ाया है, बल्कि उनके सपनों को नई दिशा और नई उड़ान भी दी है।

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