उड़ीसा/कालाहांडी। छत्तीसगढ़ से सटे ओडिशा के कालाहांडी जिले में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। करीब 1 करोड़ 34 लाख रुपये के इनामी 11 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी स्तर के नेता से लेकर एरिया कमेटी और पार्टी सदस्य तक शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने अपने पास मौजूद राइफल, मैगजीन और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में भी सक्रिय रहे थे।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से संगठन से जुड़े थे, लेकिन लगातार बढ़ते सुरक्षा अभियानों और बदलती परिस्थितियों के चलते उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
अधिकारियों का कहना है कि इस आत्मसमर्पण से बांसधारा–घुमसर–नागाबली (BGN) डिवीजन में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और संगठन की गतिविधियां काफी कमजोर हुई हैं।
ये हथियार किए जमा
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने पुलिस के सामने कई हथियार और गोला-बारूद भी जमा किए, जिनमें
AK-47 राइफल
SLR और INSAS राइफल
सिंगल शॉट हथियार
12 बोर बंदूक
विभिन्न प्रकार की मैगजीन और सैकड़ों राउंड कारतूस शामिल हैं।
सरेंडर के पीछे ये वजह
पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण सामने आए हैं—
लगातार चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान और बढ़ता दबाव
माओवादी विचारधारा से मोहभंग
संगठन में नेतृत्व की कमी
स्थानीय स्तर पर घटता जनसमर्थन
सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति
मिलेंगी पुनर्वास की सुविधाएं
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की नीति के तहत कई सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें घोषित इनाम की राशि, मकान की सुविधा, कौशल प्रशिक्षण, मासिक स्टाइपेंड और स्वास्थ्य व राशन योजनाओं का लाभ शामिल है।
पुलिस ने जंगलों में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और पुनर्वास योजना का लाभ उठाएं।