बस्तर में शांति की नई सुबह: नक्सल हिंसा थमी, विकास की रफ्तार तेज करने पर फोकस

24मई 2026

जगदलपुर/बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने कहा है कि बस्तर अब नक्सली हिंसा के दौर से काफी हद तक बाहर निकल चुका है और क्षेत्र में लंबे समय बाद शांति एवं सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय जनता के साझा प्रयासों का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है।

मीडिया से चर्चा करते हुए आईजी सुंदरराज ने कहा कि मार्च 2026 के बाद से बस्तर संभाग में नक्सल गतिविधियों और हिंसक घटनाओं में बड़ी कमी दर्ज की गई है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, ग्रामीणों के बढ़ते सहयोग और विकास योजनाओं के प्रभाव से अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी नक्सल प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का प्रतीक माना जाने वाला बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। दूरस्थ इलाकों तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार सुविधाएं पहुंच रही हैं, जिससे लोगों का विश्वास शासन और प्रशासन के प्रति मजबूत हुआ है।

आईजी ने यह भी कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को स्थायी बनाना है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार, शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि वे मुख्यधारा से लगातार जुड़े रहें।

उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बस्तर विकास, पर्यटन और आदिवासी संस्कृति की नई पहचान के रूप में उभरेगा। लंबे संघर्ष के बाद क्षेत्र में बनी शांति को कायम रखने के लिए सुरक्षा बलों और आम जनता की साझेदारी आगे भी अहम भूमिका निभाएगी।

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