बस्तर की अनोखी लोक परंपरा: तालाब में उतरे हजारों ग्रामीण, ‘बंधा मतौर’ मेले में सामूहिक मछली पकड़ने का दिखा अद्भुत नज़ारा

24मई 2026

कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरकई में वर्षों पुरानी लोक परंपरा ‘बंधा मतौर’ मेला इस वर्ष भी उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। बस्तर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली इस अनूठी परंपरा को देखने दूर-दूर के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।

मेले में ग्राम बरकई सहित आसपास के लगभग 50 से 60 गांवों के ढाई हजार से अधिक ग्रामीण शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तालाब में उतरकर मछली पकड़ने की परंपरा निभाई। तालाब में एक साथ हजारों लोगों के उतरने का दृश्य बेहद रोमांचक और आकर्षक नजर आया।

स्थानीय लोगों के अनुसार ‘बंधा मतौर’ केवल मछली पकड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का माध्यम है। इस अवसर पर ग्रामीण एक-दूसरे से मिलते हैं, पारंपरिक रीति-रिवाज निभाते हैं और सामूहिक श्रम व सहयोग की भावना को आगे बढ़ाते हैं।

मेले के दौरान युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला। कई ग्रामीण पारंपरिक तरीके से जाल, टोकरी और हाथों से मछली पकड़ते नजर आए। पूरे आयोजन में लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।

बस्तर की यह अनोखी परंपरा आज भी आधुनिकता के दौर में अपनी पहचान बनाए हुए है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *