एकता, परंपरा और संस्कृति का उत्सव बना बस्तर पंडुम 2026ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य समापन, 12 विधाओं में प्रतिभागियों ने बिखेरा हुनर

दंतेवाड़ा। बस्तर की समृद्ध लोक विरासत, कला और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने तथा नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित बस्तर पंडुम 2026 के अंतर्गत जिले के चारों विकासखंडों—दंतेवाड़ा, गीदम, कुआँकोंडा एवं कटेकल्याण—में 16 एवं 17 जनवरी को आयोजित ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक लोकनृत्य, गीत-संगीत, वेशभूषा, खान-पान सहित कुल 12 सांस्कृतिक विधाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों और पारंपरिक स्वादों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
ब्लॉक स्तरीय समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक  चौतराम अटामी ने कहा कि “बस्तर पंडुम हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव का उत्सव है। ऐसे आयोजन न केवल परंपराओं को संरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में एकता, सहभागिता और नई पीढ़ी में सांस्कृतिक गर्व का संचार भी करते हैं।” उन्होंने बताया कि प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी जिला स्तर पर बस्तर का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने भी सहभागिता की। उन्होंने प्रदर्शित पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन करते हुए कहा कि बस्तर का खान-पान यहां की संस्कृति, प्रकृति और जीवनशैली का जीवंत प्रतिबिंब है। ऐसे आयोजन समुदाय को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा दंतेवाड़ा से ही बस्तर पंडुम के लोगो एवं थीम गीत का विमोचन किया गया, जिससे आयोजन को नई पहचान मिली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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