6मई 2026
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव को अपहरण करने की साजिश रची गई। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपियों की योजना पूरी तरह विफल हो गई और उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक महिला समेत चार लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने किसी जरूरी चर्चा और फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। भरोसे में लेकर उन्हें अपनी कार में बैठाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद आरोपियों का असली चेहरा सामने आ गया।
कार आगे बढ़ते ही आरोपियों ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर कपड़ा बांधकर उन्हें बेबस कर दिया, ताकि वे किसी से मदद न मांग सकें। इसके बाद आरोपी खैरागढ़ की ओर भागने की कोशिश करने लगे।
इसी दौरान चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग चल रही थी। पुलिस ने संदिग्ध हालत में कार को रोका तो आरोपियों ने कहानी गढ़ते हुए कहा कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया। उनकी स्थिति देखकर पुलिस को शक हुआ और तुरंत सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी महिला पिछले कुछ महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई थी। उस पर महिलाओं से ट्रेनिंग के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगे हैं। पुलिस को आशंका है कि यह अपहरण किसी बड़ी आर्थिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और समाज के विभिन्न वर्गों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ा गिरोह या मास्टरमाइंड तो नहीं है।