पानी छोड़ती है धुआँ नहीं… भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने रचा इतिहास, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी

नई दिल्ली-27जून2026/ भारतीय रेलवे ने स्वदेशी तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 26 जून 2026 को हरियाणा के जींद–सोनीपत के 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर हुए अंतिम परीक्षण में 10 कोचों वाली इस ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
यह अत्याधुनिक ट्रेन दो 1,200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल से संचालित होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह चलने के दौरान धुआँ या कार्बन उत्सर्जन नहीं करती, बल्कि केवल जलवाष्प (Water Vapor) छोड़ती है। यही वजह है कि इसे पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की रेल परिवहन प्रणाली माना जा रहा है।
अंतिम ट्रायल के दौरान ट्रेन की आपातकालीन ब्रेकिंग, स्थिरता और ऑसिलेशन (कंपन) जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमताओं का परीक्षण किया गया। इससे पहले के परीक्षणों में ट्रेन 70 किमी/घंटा की गति तक पहुंची थी, लेकिन अंतिम ट्रायल में इसने 120 किमी/घंटा की रफ्तार हासिल कर अपनी क्षमता साबित कर दी।
भारतीय रेलवे की यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश के 2030 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकती है। भविष्य में यह तकनीक उन 40 हजार किलोमीटर से अधिक रेलमार्गों पर डीज़ल इंजनों का विकल्प बन सकती है, जहां अभी ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं।
हालांकि, यात्रियों के लिए नियमित संचालन शुरू होने से पहले आरडीएसओ (RDSO) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद इस ट्रेन का व्यावसायिक संचालन 75 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति से शुरू किए जाने की संभावना है।

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