5जून2026
धमतरी। आधुनिकता और शहरीकरण के दौर में जहां गौरैया जैसी छोटी चिड़िया धीरे-धीरे लोगों के आंगन और आसपास के वातावरण से गायब होती जा रही है, वहीं धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम मंदरौद के युवा मोहन साहू ने इसके संरक्षण का बीड़ा उठाकर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।
गौरैया की घटती संख्या को लेकर चिंतित मोहन साहू ने पक्षी संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल शुरू की है। वे गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले तैयार कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर स्थापित कर रहे हैं। साथ ही पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था भी कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित आश्रय और भोजन मिल सके।
मोहन साहू का यह प्रयास केवल गौरैया संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे लोगों को भी पर्यावरण और पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनकी मुहिम से प्रेरित होकर कई ग्रामीण भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं और अपने घरों के आसपास गौरैया के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में सहयोग दे रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस तरह का छोटा-सा प्रयास करे, तो विलुप्ति की कगार पर पहुंच रही गौरैया को बचाया जा सकता है। मोहन साहू की यह पहल न केवल पक्षी संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
गांव के इस युवा की मेहनत और समर्पण आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी यह मुहिम साबित करती है कि बदलाव की शुरुआत एक व्यक्ति के संकल्प से भी हो सकती है।