महादेव घाटी में नशे का नेटवर्क ध्वस्त : NDPS केस में दो तस्करों को 15-15 साल की सजा

8मई2026

बीजापुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बीजापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली बीजापुर में दर्ज एक चर्चित NDPS प्रकरण में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस की मजबूत विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के चलते यह फैसला संभव हो सका।
मामला 09 नवंबर 2024 का है, जब बीजापुर पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान महादेव घाटी मोड़ के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियों का परिवहन करते हुए रविन्द्र पुनेम और अंशु गोनेट को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध नशीली दवाइयां बरामद की गईं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(ग) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजी प्रमाण और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहद सावधानी से संकलित किया। विवेचना के दौरान सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ऐसा मजबूत केस तैयार किया गया, जिसे अदालत में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 15 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले को जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।
बीजापुर पुलिस ने कहा है कि जिले को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे या अवैध मादक पदार्थों के संपर्क में हो तो उसे जागरूक करें और इसकी सूचना पुलिस को दें। क्योंकि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेल देता है।

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