रात के अंधेरे में स्वास्थ्य की रोशनी: सुकमा के दूरस्थ गांवों तक पहुंचा ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’

24मई 2026

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब सुकमा जिले में “नाइट कैंप” आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे दिनभर काम में व्यस्त रहने वाले ग्रामीणों को रात के समय स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें।

सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि अभियान शुरू होने के बाद से अब तक जिले में 2 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग दिन के समय खेती-किसानी और अन्य कामों में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य शिविरों में उनकी उपस्थिति कम हो पाती थी। इसी समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाइट कैंप की शुरुआत की।

कलेक्टर ने कहा कि रात के समय ग्रामीण अपने घरों में मौजूद रहते हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही है। इस पहल को ग्रामीणों का अच्छा सहयोग भी मिल रहा है।

अभियान के तहत दूरस्थ और संवेदनशील गांवों में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और दवाइयों के साथ विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों की सामान्य स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी बीमारियों की जांच के साथ जरूरी दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार अब तक सुकमा जिले के लगभग 70 प्रतिशत लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है। अभियान का उद्देश्य बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करना है।

नाइट कैंप की यह पहल अब सुकमा के दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद बनकर उभर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *