5जून2026
जगदलपुर। बस्तर संभाग की जगदलपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। महज पांच दिनों के भीतर जेल में दो बंदियों की मौत होने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार हुई इन घटनाओं ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि बंदियों के परिजनों और आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।
ताजा मामला बीजापुर जिले के लिंगापुर निवासी रमेश कुंजम की मौत का है। रमेश नक्सल गतिविधियों से जुड़े मामलों में बंद था और उसे नवंबर 2025 में दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल स्थानांतरित किया गया था। जानकारी के अनुसार 4 जून को वह जेल परिसर के बाथरूम में गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना से पहले भी जेल में एक दर्दनाक मामला सामने आया था। रविवार तड़के एक महिला बंदी ने कथित तौर पर अपनी चुन्नी के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक ही सप्ताह में दो बंदियों की मौत ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर जेल के भीतर बंदियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सकीय निगरानी को लेकर क्या पर्याप्त इंतजाम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संवेदनशील बंदियों की विशेष निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल प्रशासन दोनों मामलों की जांच में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पांच दिनों में दो मौतों ने जगदलपुर केंद्रीय जेल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।