जगदलपुर, 22 अप्रैल 2026/
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल करते हुए सघन जांच शिविर आयोजित किया। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के निर्देशन में चल रहे ‘100 दिवसीय टीबी अभियान’ के अंतर्गत छापरभानपुरी और सिरिसगुड़ा जैसे उच्च जोखिम वाले ग्रामों में आधुनिक तकनीक से जांच की गई।
शिविर में स्वास्थ्य टीम ने हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए मौके पर ही ग्रामीणों की जांच की। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ साव के अनुसार, छापरभानपुरी में 115 और सिरिसगुड़ा में 40 संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका डिजिटल एक्स-रे किया गया। इस तरह कुल 155 लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के संभावित मरीजों की समय रहते पहचान सुनिश्चित की गई।
डॉ. साव ने बताया कि हैंड-हेल्ड एक्स-रे तकनीक दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। इससे ग्रामीणों को अपने गांव के पास ही उच्च स्तरीय जांच सुविधा मिल रही है, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग का यह 100 दिवसीय अभियान टीबी के मरीजों की जल्द पहचान और तत्काल उपचार पर केंद्रित है, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके। प्रशासन की इस सक्रिय पहल से जहां मरीजों को राहत मिल रही है, वहीं ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग दें।
हैंड-हेल्ड एक्स-रे से गांव-गांव टीबी पर वार: तोकापाल के 155 ग्रामीणों की जांच