मध्यप्रदेश के धार जिले में लाइमस्टोन खदान और ड्रिलिंग को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय स्थिति बिगड़ गई, जब ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। अचानक हुए इस हंगामे के बाद प्रशासनिक अमले को गांव से वापस लौटना पड़ा। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
जानकारी के अनुसार कुक्षी थाना क्षेत्र के ग्राम तलावड़ी, टकारी, बामंदा बायड़ी, मोगरा, भीमपुरा और खेड़ली में लाइमस्टोन फैक्ट्री के लिए सर्वे और ड्रिलिंग कार्य प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में प्रशासनिक टीम पुलिस बल और मशीनरी के साथ गांव पहुंची थी। जैसे ही सर्वे की प्रक्रिया शुरू हुई, ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और विरोध उग्र रूप ले बैठा।
बताया जा रहा है कि लाइमस्टोन की संभावित उपलब्धता की जांच के लिए ड्रिलिंग मशीन मौके पर लाई गई थी। एहतियात के तौर पर कई थानों का पुलिस बल भी मौजूद था। ग्रामीणों ने परियोजना का विरोध करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कुछ लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।
हालांकि स्थिति तनावपूर्ण होने के बावजूद पुलिस ने संयम बरतते हुए बल प्रयोग नहीं किया। प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रहेगी।
धार में लाइमस्टोन सर्वे को लेकर बवाल: जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों का पथराव, अफसरों को लौटना पड़ा बैरंग