3मार्च2026
इस्लामाबाद/कराची/लाहौर।
28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमलों में तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भूचाल आ गया है। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच पाकिस्तान में व्यापक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं। पाकिस्तान, जहां दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है, वहां हालात तेजी से बेकाबू होते दिख रहे हैं।
कराची में दूतावास पर धावा, मरीन की फायरिंग
1 मार्च को उग्र प्रदर्शनकारियों ने कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर कूच कर दिया। भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद तैनात अमेरिकी मरीन जवानों ने फायरिंग की। इस घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
लाहौर में आगजनी, हालात तनावपूर्ण
सोमवार को लाहौर में भी हिंसक झड़पें हुईं। दूतावास के गेट के पास आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। देशभर में अब तक 23 लोगों की मौत और 120 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
कर्फ्यू और सेना की तैनाती
बढ़ती हिंसा को देखते हुए कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और सेना को तैनात किया गया है। अमेरिकी सेवाएं 6 मार्च तक के लिए रद्द कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो क्षेत्रीय तनाव और गहराने की आशंका है।