जगदलपुर, 10 मई 2026।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों में इन दिनों बच्चों की मुस्कान, रंगों की चमक और खेल-खेल में सीखने का उत्साह देखने को मिल रहा है। ‘तितली’ संस्था के सहयोग से आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर ने नन्हे बच्चों की छुट्टियों को यादगार बना दिया है। पूरे सप्ताह चले इस शिविर में बच्चों ने रचनात्मक गतिविधियों, खेलों और अभिनय के जरिए नई बातें सीखीं और खुलकर अपनी प्रतिभा दिखाई।
शिविर की शुरुआत बेहद रोचक अंदाज में हुई, जहां बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर रंग-बिरंगे टेंट तैयार किए। छोटे-छोटे हाथों से बने चित्रों और कलाकृतियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों को किसी उत्सव स्थल जैसा बना दिया। बच्चों की कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता हर गतिविधि में साफ नजर आई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने डॉक्टर, शिक्षक और अन्य सामाजिक भूमिकाओं का अभिनय कर अपने अंदर छिपी प्रतिभा को मंच दिया। इस गतिविधि ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि उन्हें समाज में विभिन्न जिम्मेदारियों की समझ भी दी। नन्हे कलाकारों की मासूम अदाकारी ने अभिभावकों और शिक्षिकाओं का दिल जीत लिया।
शिविर में खेलकूद का भी विशेष आकर्षण रहा। बलून गेम्स और मनोरंजक प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। वहीं ‘खिलौना खोजो’ गतिविधि बच्चों की सबसे पसंदीदा रही। छिपे खिलौनों को खोजने की खुशी बच्चों के चेहरों पर साफ झलक रही थी और उनकी खिलखिलाहट से पूरा परिसर गूंज उठा।
आयोजकों ने इस शिविर को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों को परिवार के साथ समय बिताने, बड़ों का सम्मान करने और दादा-दादी व नाना-नानी से भावनात्मक जुड़ाव के महत्व के बारे में भी सहज तरीके से समझाया। गर्मी की छुट्टियों को सकारात्मक और यादगार बनाने का संदेश भी बच्चों को दिया गया।
बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और मासूम मुस्कान ने इस ग्रीष्मकालीन शिविर को एक खूबसूरत अनुभव में बदल दिया। आंगनबाड़ियों में सजी यह खुशियों की दुनिया बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी लंबे समय तक यादगार रहने वाली है।
तितली की उड़ान से महकी आंगनबाड़ियां, बच्चों की खिलखिलाहट से गूंजा ग्रीष्मकालीन शिविर