रायपुर4जुलाई2026 छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने रायपुर समेत 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। सारंगढ़ में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा लाल बहादुर नगर में 11 सेंटीमीटर, जबकि सरायपाली, बड़े बचेली और कुसमी में 10-10 सेंटीमीटर बारिश हुई। चिरमिरी और डौंडीलोहारा में 9-9 सेंटीमीटर तथा सरसीवा में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है उनमें रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, रायगढ़ और मुंगेली शामिल हैं।
प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कम दबाव का यह तंत्र और मजबूत होता है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना भी जरूरी होगा।