पुलिस की कथित प्रताड़ना से युवक ने की आत्महत्या, रिश्वत नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप

अंबिकापुर, 31 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक संवेदनशील मामला सामने आया है। लखनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान आशीष मिंज के रूप में हुई है। परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पन्नालाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया है।
परिजनों के अनुसार, आशीष मिंज को बीते कुछ समय से लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि प्रधान आरक्षक पन्नालाल ने आशीष से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जब आशीष ने रुपये देने से इनकार किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
परिवार का आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने आशीष को उसकी प्रेमिका की आत्महत्या से जुड़े एक पुराने मामले में झूठे तौर पर फंसाने की धमकी दी थी। इस धमकी के बाद से ही आशीष गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था। वह लगातार भय और दबाव की स्थिति में था। परिजनों ने बताया कि आशीष ने कई बार पुलिस की धमकियों का जिक्र किया था, लेकिन उन्हें अंदेशा नहीं था कि मामला इतना भयावह मोड़ ले लेगा।
आखिरकार, पुलिस की कथित प्रताड़ना और मानसिक दबाव से टूटकर आशीष मिंज ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने तत्काल उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयान के आधार पर लखनपुर थाना में प्रधान आरक्षक पन्नालाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। आरोपी की भूमिका की हर पहलू से जांच की जाएगी, वहीं कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। युवक की मौत के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

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