17मार्च 2026
जगदलपुर, बस्तर।
लंबे समय तक शांत माने जा रहे बस्तर में माओवादी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। माड़ डिवीजन कमेटी के नाम से जारी एक कथित प्रेस नोट में संगठन की ओर से खुद को ‘जेनजी नक्सली’ बताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही गई है।
इस प्रेस नोट में साफ तौर पर आत्मसमर्पण से इनकार करते हुए यह संकेत दिया गया है कि संगठन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे भी सक्रिय रहने की कोशिश करेगा। यही वजह है कि इस दस्तावेज के सामने आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, पहले लगातार ऑपरेशनों और बड़े नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद माड़ डिवीजन को कमजोर माना जा रहा था। लेकिन इस नए दावे ने सुरक्षा एजेंसियों के अनुमान को चुनौती दी है और पूरे मामले को फिर से गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह प्रेस नोट असली है या किसी रणनीतिक मकसद से फैलाया गया है। एजेंसियां इसकी सत्यता की जांच कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उधर, सरकार की ओर से नक्सलवाद खत्म करने के लिए तय समय सीमा नजदीक है। ऐसे में इस तरह के दावे को या तो संगठन की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है या फिर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस्तर में माओवादी नेटवर्क वास्तव में फिर से मजबूत हो रहा है या यह सिर्फ एक रणनीतिक संदेश है।